sound pollution in hindi(कोलाहल का भयंकर प्रदूषण किस वजह से होता है )
sound pollution in hindi

sound pollution in hindi

हेलो दोस्तो पोस्ट में हम लोग बात करेंगे sound pollution in hindi के बारे में नॉइस पॉल्यूशन क्या होता है? Sound क्या होता है वह कैसे फैलता है,कोलाहल के बढ़ने के क्या कारण है उसे कैसे कंट्रोल कर सकते है ? यह सारी बातों के बारे में जो Topic में हम अभी बात करेंगे आप लोग को जो है इस पोस्ट को पूरा जरूर end तक देखें ताकि आपको एक idea मिल सके
Soil pollution के बारे में जानिए

sound pollution in hindi(ध्वनि प्रदुषण की जानकारी)

आप अच्छा तरीके से उसे जान सके कि कोलाहल आखिर होता क्या है तो नॉइस पॉल्यूशन को जानने से पहले हम लोग noise और कोलाहल के बारे में जान लें कि वह आखिर होता क्या है, तो ऐसा कोलाहल जो भी वाइब्रेशन डेवलप हो मैकेनिकल वेव्स ऑफ प्रेशर एंड डिस्प्लेसमेंट टू सेम मीडियम। कोई मीडियम के कुछ भी वाइब्रेशन के डेवेलोप हो, उसी को हम लोग साउंड कहते हैं Noise जो है एनीअनवांटेड साउन्ड जो साउंड की जरूरत हमें ना हो, वह साउंड हमें अगर मिले तो basically उस चीज को हम लोग Noise कहते हैं। उस तरह के साउंड को हम लोग noise कहते हैं । तो Noise जो है उसको हम लोग Measure करते हैं डेसीबल में। जिसको db से इंडिकेट करते हैं। साउंड का वेव्स जो है इस तरह होता है अच्छा होता है और सुनने योग्य होता है। लेकिन जो नॉइज़ होता है वह इस तरह का होता है जिसको हम लोग सुनने में शोर जैसा और अनवांटेड साउंड हो उसे हम लोग कोलाहल कहते हैं तो

  • कोलाहल का साउंड प्रेशर ज्यादा होता है
  • फ्रिकवेंसी ज्यादा होता है।
  • ड्यूरेशन कम ज्यादा होता है।
  • एक दम ऐसा भी होता है high-low पहुंचने लगता है ।
  • एकदम सुनने में अजीब सी बेचैनी लगे।
  • जहां पर रात का वाला इलाका में पार्टीज्यादा होगा
  • जहां पर पापुलेशन ज्यादा हो
  • जहा पर इंडस्ट्री जहां पर होगा
  • sound pollution in hindi(कोलाहल से संबंधित तथ्य)

  • noise प्रदुषण के कारण
  • ध्वनि प्रदुषण के नुक्सान
  • ध्वनि प्रदुषण के हानिकारक प्रभाव
  • ध्वनि प्रदूषण को रोकने के उपाय – Noise pollution How To Prevent In Hindi
  • छोटे बच्चों पर हानिकारक प्रभाव
  • noise प्रदुषण के कारण

    तो हम बात कर रहे है है नॉइस पॉल्यूशन के कारण के संदर्भ में।
    इस टॉपिक में हमने क्या क्या पढ़ना है हमने इसका मीनिंग पढ़ना है इसके हमने इफेक्ट पढ़ने है ,इसके हमें causes पढ़ने है और इसे हम कैसे कैसे इस को कंट्रोल कर सकते हैं। जब हम एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करना पड़ता है तब हम क्या करते हैं एक दूसरे से बात करते हैं। daily साउंड का यूज करते हैं और जब साउंड loud होती है जोर से होती है अन प्रेजेंट होती है जो पसंद नहीं आती और अनवांटेड होते हैं जो हमको चाहिए नहीं ऐसी साउंड को हम बोलते हैं भाई यह noise है समझ आया कि noise ( कोलाहल) क्या है और साउंड क्या है?
    अब suppose हमको एक साउंड दी है तो ऐसा भी हो सकता है कि वो साउण्ड एक बंदे के लिए म्यूजिक है और एक बंदे के लिए noise है क्यों ?
    क्योंकि वह depend करेगा कि लाउडनेस कितनी है कितनी ऊँचा बज रहा है second depend करेगा ड्यूरेशन की कब से बज रहा है अब मूड ऑफ द पर्सन पर्सन का मूड depend करेगा की साउंड अगर एक बंदे के लिए म्यूजिक होना है या noise होना है साउंड को हम डेसीबल में measure करते है डेसीबल कुछ भी नहीं है जैसे हमको पता है लेंथ को मीटर में measure करते हैं जो लिक्विड चीजें होती उनको लीटर में measure करते हैं वैसे ही साउंड को हम कैसे करते हैं डेसिबल्स में करते हैं साउंड की वैल्यू 80 डेसीबल से बढ़ जाए उसको हम कहेंगे तब वही नॉइस पॉल्यूशन हो गया है साउंड कोलाहल में convert हो गई है कब होगी जब साउंड की value 80 डेसीबल को exceed कर देगी।

    नॉइस पॉल्यूशन क्या क्या ऐसी चीजें हैं जिनकी वजह से नॉइस पोलूशन होता है

  • पहली बात करते हैं industrialization की इंडस्ट्री जब से आयी है ।
  • इंडस्ट्री से हमारी कंट्री के लिए बेनिफिट तो हुआ है पर simultaneously वह हर पोलूशन में अपना कंट्रीब्यूट करती हैं ।
  • जैसे industries में क्या है बिग मशीनरी होंगी वह capable होती है प्रोड्यूसर noise on a large scale ।
  • अगर हम बिग मशीनरी की बात ना भी करे जो वहां पर other equipment होते हैं जैसे जनरेटर, एग्जास्ट फैन हो गई वह भी कंसीडरेबल अमाउंट ऑफ पोलूशन क्रिएट करते है।
  • एयरोप्लेन की आवाज़ से भी कोलाहल प्रदूषण होता है
  • पटाखों की आवाज़ से हमारा वातावरण प्रदूषित होता है ये कोलाहल के प्रदूषण का कारण भी बनते है।
  • रेलगाड़ियों की आवाज़ बहुत तेज़ होती है अगर आपके पास से रेलगाड़ी गुजर के जाये तब आपको असहनीय noise सुनाई देगी यह भी धवनि प्रदूषण का कारण है।
  • कुछ प्राकृतिक स्त्रोत जैसे बहुत तेज़ बारिश,बिजली का कड़कना ,बदलो का गर्जना,तेज़ हवाएं और ऊँचे जगह से गिरता हुआ झरना ,आंधी तूफ़ान ज्वालामुखी भी ध्वनि प्रदूषण के natural source है।
  • ध्वनि प्रदुषण के नुक्सान

  • हमारे देश के हर इलाके में वाहनों(Vehicles) के कारण , लाउडस्पीकर के वजह ,शादियों का loud संगीत से आने वाली ऊंची आवाज लोगों का जीना मुश्किल कर देती है।
  • यह आवाज सारे नियमों और कानूनों को तोड़कर आम लोगों के सुख और शांति में अतिक्रमण(Encroachment) करने लगती है।
  • अब स्थिति यह हो गई है कि यह शोर आम इंसान को बहरा(Deaf) बना रहा।
  • आपने भी देखा होगा कि अब आपको अपने घर में ऊंची आवाज(High voice) में बात करनी पड़ती है ।
  • मोबाइल फोन का Full Volume होने के बावजूद सामने वाले की आवाज आपको ठीक से सुनाई नहीं देती है ।
  • टेलीविशन (TV) का वॉल्यूम भी पहले से ज्यादा रखना पड़ता है।
  • यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि हम हर वक्त कोलाहल से घिरे हुए हैं।
  • शायद आपको पता नहीं होगा कि यह कोलाहल(Noise) आपको धीरे-धीरे मार रहा है क्योंकि ज्यादा शोर की वजह से लोग
    हाइपर टेंशन, Tension ,पैनिक अटैक, कमजोर याददाश्त और दिल से जुड़ी डाइसिस के शिकार हो रहे हैं।
  • छोटे बचो की सुनने की क्षमता खोटी जा रही है उनका मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव पढ़ रहा है।
  • एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में हर 4 में से एक व्यक्ति सुनने की ताकत टाइम से पहले खो देता है।
  • अब लोगों को कानों से जुड़ी डाइसिस 15 वर्ष पहले ही हो रही हैं।
  • मुंबई में हर 10 में से 4 ट्राफिक पुलिसकर्मी ठीक से सुन नहीं पाते(Can not hear) क्योंकि वह पूरे दिन Traffic के शोर के बीच काम करते हैं।
  • यह देश के हर शहर का हाल है शहरों में होने वाले noise pollution में से 70% की वजह वाहनों के horn है।
  • ज्यादातर भारतीयों को यह पता ही नहीं होता कि horn का इस्तेमाल कब करना है और कब नहीं।
  • दुनिया भर के बहुत से ऐसे देश है जहा में horn का गैरजरूरी इस्तेमाल नहीं किया जाता ।
  • लेकिन भारत में ऐसा बिल्कुल नहीं है यकीन मानिए जरा सी कोशिश इस समस्या का समाधान हो सकता है ।
  • ध्वनि प्रदुषण के हानिकारक प्रभाव

    दोस्तो हम बात करने वाले हैं कोलाहल(Noise) प्रदूषण के कुछ हानिकारक प्रभावों के बारे में कि साउंड के प्रदूषण से क्या क्या Dangerous Effect हो सकते हैं
    तो दोस्तों लगातार ज्यादा कोलाहल(Noise) होने के कारण सुनने की क्षमता कम हो जाती हैतथा आदमी के बहरा होने की संभावना बढ़ जाती है। इस कारण थकान सिर का दुखना , अनिद्रा आदि रोग(dieases) होते हैं।

  • शौर-गुल(Noise) होने के कारण ख़ून का दाब increase हो जाता है ,तो हृदय की धड़कन बढ़ जाती है ।
  • इसके कारण धमनियों में रक्त वसा(Cholesterol) का जमाव बढ़ता है जिसके कारण रक्तचाप भी बढ़ता है ।
  • Noise प्रदूषण कारण क्रोध तथा स्वभाव में उत्तेजना पैदा हो ।
  • शोर में लगातार रहने पर बुढ़ापा जल्दी आता है अत्यधिक noise के कारण adrenal hormone का स्त्राव अधिक होता है ।
  • असहनीय कोलाहल ध्वनि(Unwanted Sound) में रहने पर जनन क्षमता भी प्रभावित होती है इसके कारण उपापचय क्रिया प्रभावित होती हैं ।
  • तो इतने सारे इसके negative effects है जो शायद आपको ना पता रहे हो और सुनने के बाद लगता है कि क्या केवल खड़-खड़ होने वाली आवाज़ प्रदूषण अपना प्रभाव हो सकता है तो हां भाई ध्वनि प्रदूषण पूरा हो सकता है
  • मैं तो यही कहूंगा कि ध्वनि प्रदूषण एक तरह का धीमा जहर है जो इंसान को हर तरीके से तोड़ता है और इंसान के लिए तो बहुत ज्यादा dangerous है ।
  • ध्वनि प्रदूषण को रोकने के उपाय – Noise pollution How To Prevent In Hindi

    मानव के आधुनिक जीवन में एक नए प्रकार के पोल्लुशन को उत्पन्न किया है जो कि ध्वनि प्रदूषण(Sound Pollution) कहलाता है। साउंड पोल्लुशण कई तरह से मानव जीवन को प्रभावित करने वाली भारत में बड़ी समस्याओं में से एक बन गया है। भीड़भाड़ वाले शहर गांव का परिवहन मनोरंजन के नए साधन उनके निरंतर खतरनाक कोलाहल के द्वारा वातावरण प्रदूषित हो रहा है। वास्तव में शोर जीवन की एक सामान्य प्रक्रिया है और यह मनुष्य के भौतिक वातावरण के लिए एक खतरे का signal है । noise प्रदूषण के निवारण उपायों को जानना चाहिए ताकि इस प्रदूषण के प्रभाव को रोका जा सके –

  • एक सड़कों पर चल रहे व्हीकल्स में लगे horn होने का इस्तेमाल वर्जित होना चाहिए।
  • कानून की सहायता से जोरदार horn करने वाले वाहन मोटर ट्रक आदि पर रोक लगा कर साउंड पोल्लुशण कम किया जा सकता है।
  • सभी शादियों पार्टियों में सरकार द्वारा 10:00 बजे के बाद गाने बजाना बैन किया गया है ताकि आसपास रह रहे लोग चैन से सो सके।
  • 3 लंबे एवं घने वृक्ष झाड़ियां तेज सॉउन्ड को कम करते हैं विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के किनारे हरे वृक्षों की कतार खड़ी करके sound pollution को घटाया जा सकता है क्योंकि हरे पौधे ध्वनि की तीव्रता को 10 से 15 डेसीबल तक कम कर सकते हैं ।
  • कल कारखानों में शोर उत्पन्न करने वाली मशीनों वाले उद्योगों में शोर कम करने के लिए silencer का उपयोग करना चाहिए।
  • मकानों भवनों में कमरों के दरवाजों और खिड़कियों को उपयुक्त रूपरेखा का डिजाइन का बनाकर बहुत कुछ कोलाहल(Noise) को कम किया जा सकता है।
  • वायुयान ट्रक मोटरसाइकिल स्कूटर औद्योगिक मशीनों को शौर नियंत्रण मशीनों के कवच से ढकना चाहिए जिससे इन उपकरणों से कम से कम Noise उत्पन्न हो सके।
  • साथ में ऐलान या प्रचार के सभी साधनों समाचार पत्र TV रेडियो आदि के द्वारा जो प्रदूषण के घातक परिणामों से जनसाधारण को अवगत कराना चाहिए जिससे जनसाधारण जागरूक होकर अप्रिय ध्वनि प्रदूषण को कम करने में सहायक हो।
  • छोटे बच्चों पर हानिकारक प्रभाव

    noise pollution छोटे बच्चो के लिए आजकल हानिकारक साबित हो रहे है। छोटे बच्चे बेहद नाजुक होते हैं, ऐसे में आसपास में होने वाला शोर या कोलाहल उनके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
    ऐसे में आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताएंगे कैसे आपके बच्चे कोलाहल से परेशान हो रहे हैं ?और कैसे उनसे बचा जा सकता है ?

  • आप के आस पास होने वाले असहनीय नॉइज़ से बच्चों को बेहद परेशानी हो सकती है क्योंकि वह बेहद नाजुक होते हैं।
  • उनके ऊपर इस बात का कोई प्रभाव ज्यादा नहीं पड़ता लगातार होने वाले अप्रिय कोलाहल से बच्चों की मानसिक स्थिति खराब होती है।
  • और वह सकारात्मक नहीं रह पाते आपको यह जानकर हैरानी होगी 6 घंटे से ज्यादा noise के संपर्क में रहने से बच्चों को कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है ।
  • ज्यादा अनवांटेड साउंड में रहने की वजह से बच्चों को डायबिटीज ,हाई ब्लड प्रेशर और तेजी से बढ़ने वाले बुढ़ापे की समय जैसी problems हो जाती है।
  • अगर आपको ज्यादा देर तक फ़िज़ूल नॉइज़ के आसपास में रहना पड़ता है तो यह आपकी याददाश्त पर भी असर डालेगा।
  • और अच्छे से consontrate भी नहीं कर पाएंगे
  • याददाश्त में कच्चापन आना बच्चों पर उनकी पढ़ाई के लिए भी काफी खराब होगा ।
  • ज्यादा देर तक कोलाहल(Noise) में रहने से बच्चों में एकाग्रता की कमी हो जाती है और वह बिगड़ते चले जाते।
  • हम आशा करते हैं कि आप अपने बच्चों को शोर-शराबे से दूर रखेंगे
  • हम आशा करते हैं कि यह जानकारी आपके लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई होगी और आप सभी मित्रों के साथ अवश्य शेयर करेंगे
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